Smriti Bank 18th Annual General Meeting

18th AGM

सहकारिता के क्षेत्र में हमारे बैंक ने देश के हित में मिसाल कायम की है  - श्री नाहटा

स्मृति बैंक के व्यवसाय में 17% की वृद्धि शेयर धारकों को 15% लाभांश मिलेगा

स्मृति बैंक की 18 वीं साधारण सभा संपन्न

 

मन्दसौर: प्रदेश के शहरी को ऑपरेटिव बैंकों में स्मृति नागरिक सहकारी बैंक व्यवसाय में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रथम स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है, यह बात स्मृति नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र नाहटा ने बैंक की 18 वीं वार्षिक साधारण सभा में बोलते हुए कही. श्री नाहटा ने बताया कि मार्च 2017 को समाप्त हुए वर्ष में जमा राशि रु. 194.13 करोड़ से बढ़कर 240.52 करोड़ रुपये हो गयी जो कि 24% की वृद्धि दर्शाती है तथा बैंक के अग्रिम बढ़कर 123.08 करोड़ से रुपये 130.81 करोड़ हो गये. यह गर्व कि बात है.

इस अवसर पर बैंक के संस्थापक संचालक श्री नरेन्द्र नाहटा ने इस अवसर पर कहा कि यह वर्ष संभवतः बैंकिंग इतिहास का सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ष माना जावेगा क्योंकि बैंकिंग के क्षेत्र में वर्ष 1991 को गैर निष्पादित आस्तियों के वर्गीकरण के कारण चुनौतीपूर्ण माना गया था उसीप्रकार इस वर्ष नोट बंदी एवं गुड्स एंड सर्विस टैक्स के कारण तथा 20 सरकारी बैंकों ने अंतिम तिमाही में 16272 का घाटा दर्शाया है, वहीँ गैर निष्पादक आस्तियों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है. जिससे कि व्यापारियों एवं बैंकों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. जहाँ अन्य राष्ट्रीयकृत एवं प्राइवेट सेक्टर बैंक्स लगातार एन पी ए में वृद्धि के कारण कठिनाई महसूस कर रही है वहीँ स्मृति बैंक को “बेस्ट एन पी ए मैनेजमेंट” का अवार्ड मिलना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने स्मृति बैंक को मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे भारत में सहकारिता के क्षेत्र में मिसाल बताया उन्होंने कहा कि यह स्मृति बैंक के लिए बहुत ही गर्व की बात है. स्मृति बैंक सहकारिता के क्षेत्र में संचालित बैंकिंग कार्य प्रणाली के लिए एक पथ प्रदर्शक का कार्य करेगा.

 

बैंक के संचालक श्री राहुल नाहटा ने कहा कि आने वाला समय बैंकिंग टेक्नोलॉजी का है तथा आपकी स्मृति बैंक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या प्राइवेट सेक्टर बैंक से किसी भी मायने में कम नहीं है परन्तु भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों तथा अनुमति के बिना हम नयी तकनीक को हमारी बैंक में लागू नहीं कर सकते है. यही कारण है कि हम चाहते हुए भी कुछ नयी टेक्नोलॉजी को स्मृति बैंक में लागू नहीं कर पा रहे है. आशा है इस सम्बन्ध में भारतीय रिज़र्व बैंक  शहरी को ऑपरेटिव बैंक्स के लिए शीघ्र ही दिशा निर्देश जारी करेगी.

         

स्मृति बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमनानी ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा  स्मृति बैंक के कार्यक्षेत्र का विस्तार हेतु मंदसौर, नीमच एवं रतलाम जिले से बढाकर सम्पूर्ण इंदौर एवं उज्जैन राजस्व संभाग करने की अनुमति प्रदान की है. अनुमति मिलने के पश्चात हमारे द्वारा भारतीय रिज़र्व बैंक से 11 नई शाखाये खोलने की अनुमति चाही है, आशा है शीघ्र ही हमें शाखा खोलने की अनुमति भी प्राप्त होगी. इसीप्रकार स्मृति बैंक को 9 स्थानों पर व्यवसाय प्रतिनिधि नियुक्त करने तथा उन स्थानों पर ए टी एम् लगाने की स्वीकृति भी रिज़र्व बैंक द्वारा प्राप्त हो गई है, जिसे हम शीघ्र ही कार्यान्वित करेंगे. आगे उन्होंने बताया कि स्मृति बैंक का कुल व्यवसाय 31 मार्च 2016 को रु.317 करोड़ रुपये था जो 31 मार्च 2017 को बढ़कर रु.371 करोड़ रु हो गया है इस प्रकार कुल व्यवसाय में इस वर्ष 17% की वृद्धि परिलक्षित होती है. बैंक की ऋण वसूली भी गत वर्षों की भांति शत प्रतिशत रही है. स्मृति बैंक सदैव ऋण वसूली में आगे रहा है.

 

बैंकिंग फ्रंटियर्स द्वारा स्मृति बैंक को बैंकिंग फ्रंटियर्स द्वारा स्माल अर्बन को ऑपरेटिव बैंक केटेगरी में बेस्ट एन पी ए मैनेजमेंट का अवार्ड प्रदान करने हेतु चुना गया. स्मृति बैंक की ओर से अवार्ड को श्री राहुलजी नाहटा एवं बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जी टी हेमनानी ने 7 एवं 8 सितम्बर 2017 को जयपुर में बैंकिंग फ्रंटियर्स द्वारा आयोजित नेशनल को ऑपरेटिव बैंकिंग समिट में होटल मेरियट जयपुर में एक गरिमामय समारोह में प्राप्त किया. 

 

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने हेतु मुख्य शाखा की शाखा प्रबंधक श्रीमती सपना शर्मा, पिपलिया मंडी शाखा प्रबंधक श्री शीतल शर्मा दलौदा शाखा के शाखा प्रबंधक श्री अरविन्द सिंह राठौर एवं कृषi उपज मंडी के शाखा प्रबंधक श्री नरेश मारू, ऋण अग्रिम में वृद्धि एवं शत प्रतिशत वसूली हेतु श्री सुरेन्द्र फरक्या एवं अश्विन व्यास तथा पंकज पंड्या को पुरस्कृत किया गया. बैंक द्वारा स्मृति बैंक के सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले एजेंट श्री मनोज जैन (मंदसौर), कपिल शर्मा (मंदसौर), राजेश धनोतिया (पिपलिया), रविन्द्र पोरवाल (दलौदा) एवं गोपाल त्रिवेदी (कृषि उपज मंडी को भी सम्मानित किया गया. 

इस अवसर पर संचालक श्री नंदकिशोर अग्रवाल, शेयर धारक श्री रामेश्वर जामलिया, श्री विजयेन्द्र जी सेठी, महेश भदादा, प्रहलादजी गोयल, बी.एस. सिसोदिया, प्रो. वी.के. जैन आदि ने अपने विचार रखे. सञ्चालन सपना शर्मा एवं श्री जी.टी.हेमनानी ने किया तथा आभार श्रीमती चित्रा मंडलोई ने माना             

                                                              मुख्य कार्यपालन अधिकारी